का सरल उत्तर
यमुना ने द्वितीया तिथि पर अपने भाई यमराज को स्वगृहे यानी अपने घर में आदरपूर्वक भोजन कराया और उनकी अर्चना की। पद्म पुराण का श्लोक है यमो यमुनया पूर्वं भोजितः स्वगृहेऽर्चिता। यमुना और यमराज दोनों सूर्य-देव की सन्तान हैं। यमुना के इस भ्रातृ-प्रेम से यमराज अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने द्वितीया तिथि को महोत्सर्ग घोषित किया।
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