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श्रीमद्भगवद्गीता · अर्जुन विषाद योग

श्लोक 11

अर्जुन विषाद योग · Arjuna Vishada Yoga

मूल पाठ

अयनेषु च सर्वेषु यथाभागमवस्थिताः | भीष्ममेवाभिरक्षन्तु भवन्तः सर्व एव हि

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

आप सब-के-सब लोग सभी मोर्चों पर अपनी-अपनी जगह दृढ़ता से स्थित रहते हुए ही पितामह भीष्म की चारों ओर से रक्षा करें।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

आप सब-के-सब लोग सभी मोर्चों पर अपनी-अपनी जगह दृढ़ता से स्थित रहते हुए ही पितामह भीष्म की चारों ओर से रक्षा करें।

English Meaning

"Therefore do ye all, stationed in your respective positions, in the several divisions of the army, protect Bhishma alone."

"Therefore do ye all, stationed in your respective positions, in the several divisions of the army, protect Bhishma alone."

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