ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीमद्भगवद्गीता · अर्जुन विषाद योग

श्लोक 15

अर्जुन विषाद योग · Arjuna Vishada Yoga

मूल पाठ

पाञ्चजन्यं हृषीकेशो देवदत्तं धनञ्जयः | पौण्ड्रं दध्मौ महाशङ्खं भीमकर्मा वृकोदरः

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

अन्तर्यामी भगवान् श्रीकृष्ण ने पाञ्चजन्य नामक तथा धनञ्जय अर्जुन ने देवदत्त नामक शंख बजाया; और भयानक कर्म करनेवाले वृकोदर भीम ने पौण्ड्र नामक महाशंख बजाया।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

अन्तर्यामी भगवान् श्रीकृष्ण ने पाञ्चजन्य नामक तथा धनञ्जय अर्जुन ने देवदत्त नामक शंख बजाया; और भयानक कर्म करनेवाले वृकोदर भीम ने पौण्ड्र नामक महाशंख बजाया।

English Meaning

Hrishikesha blew the Panchajanya and Arjuna blew the Devadatta and Bhima (the wolf-bellied), the doer of terrible deeds, blew the great conch Paundra.

Hrishikesha blew the Panchajanya and Arjuna blew the Devadatta and Bhima (the wolf-bellied), the doer of terrible deeds, blew the great conch Paundra.

आगे पढ़ें — अर्जुन विषाद योग के सभी श्लोक · श्रीमद्भगवद्गीता