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श्रीमद्भगवद्गीता · अर्जुन विषाद योग

श्लोक 31

अर्जुन विषाद योग · Arjuna Vishada Yoga

मूल पाठ

निमित्तानि च पश्यामि विपरीतानि केशव | न च श्रेयोऽनुपश्यामि हत्वा स्वजनमाहवे

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे केशव! मैं लक्षणों - (शकुनों) को भी विपरीत देख रहा हूँ और युद्ध में स्वजनोंको मारकर श्रेय (लाभ) भी नहीं देख रहा हूँ।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

हे केशव! मैं लक्षणों - (शकुनों) को भी विपरीत देख रहा हूँ और युद्ध में स्वजनोंको मारकर श्रेय (लाभ) भी नहीं देख रहा हूँ।

English Meaning

And I see adverse omens, O Kesava. I do not see any good in killing my kinsmen in battle.

And I see adverse omens, O Kesava. I do not see any good in killing my kinsmen in battle.

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