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श्रीमद्भगवद्गीता · गुणत्रय विभाग योग

श्लोक 3

गुणत्रय विभाग योग · Gunatraya Vibhaga Yoga

मूल पाठ

मम योनिर्महद्ब्रह्म तस्मिन् गर्भं दधाम्यहम् | संभवः सर्वभूतानां ततो भवति भारत

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

हे भरतवंशोद्भव अर्जुन ! मेरी मूल प्रकृति तो उत्पत्ति-स्थान है और मैं उसमें जीवरूप गर्भका स्थापन करता हूँ। उससे सम्पूर्ण प्राणियोंकी उत्पत्ति होती है।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

हे भरतवंशोद्भव अर्जुन ! मेरी मूल प्रकृति तो उत्पत्ति-स्थान है और मैं उसमें जीवरूप गर्भका स्थापन करता हूँ। उससे सम्पूर्ण प्राणियोंकी उत्पत्ति होती है।

English Meaning

My womb is the great Brahma; in that I place the germ; thence, O Arjuna, is the birth of all beings.

My womb is the great Brahma; in that I place the germ; thence, O Arjuna, is the birth of all beings.

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