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श्रीमद्भगवद्गीता · सांख्य योग

श्लोक 34

सांख्य योग · Sankhya Yoga

मूल पाठ

अकीर्तिं चापि भूतानि कथयिष्यन्ति तेऽव्ययाम् | संभावितस्य चाकीर्तिर्मरणादतिरिच्यते

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

और सब प्राणी भी तेरी सदा रहनेवाली अपकीर्तिका कथन अर्थात निंदा करेंगे। वह अपकीर्ति सम्मानित मनुष्यके लिये मृत्युसे भी बढ़कर दुःखदायी होती है।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

और सब प्राणी भी तेरी सदा रहनेवाली अपकीर्तिका कथन अर्थात निंदा करेंगे। वह अपकीर्ति सम्मानित मनुष्यके लिये मृत्युसे भी बढ़कर दुःखदायी होती है।

English Meaning

People, too, will recount thy everlasting dishonour; and to one who has been honoured, dishonour is worse than death.

People, too, will recount thy everlasting dishonour; and to one who has been honoured, dishonour is worse than death.

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