ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीमद्भगवद्गीता · सांख्य योग

श्लोक 33

सांख्य योग · Sankhya Yoga

मूल पाठ

अथ चैत्त्वमिमं धर्म्यं संग्रामं न करिष्यसि | ततः स्वधर्मं कीर्तिं च हित्वा पापमवाप्स्यसि

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

अब अगर तू यह धर्ममय युद्ध नहीं करेगा, तो अपने धर्म और कीर्तिका त्याग करके पापको प्राप्त होगा।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

अब अगर तू यह धर्ममय युद्ध नहीं करेगा, तो अपने धर्म और कीर्तिका त्याग करके पापको प्राप्त होगा।

English Meaning

But if thou wilt not fight this righteous war, then having abandoned thine own duty and fame, thou shalt incur sin.

But if thou wilt not fight this righteous war, then having abandoned thine own duty and fame, thou shalt incur sin.

आगे पढ़ें — सांख्य योग के सभी श्लोक · श्रीमद्भगवद्गीता