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श्रीमद्भगवद्गीता · सांख्य योग

श्लोक 32

सांख्य योग · Sankhya Yoga

मूल पाठ

यदृच्छया चोपपन्नं स्वर्गद्वारमपावृतम् | सुखिनः क्षत्रियाः पार्थ लभन्ते युद्धमीदृशम्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

अपने-आप प्राप्त हुआ युद्ध खुला हुआ स्वर्गका दरवाजा भी है। हे पृथानन्दन ! वे क्षत्रिय बड़े सुखी (भाग्यशाली) हैं, जिनको ऐसा युद्ध प्राप्त होता है।

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विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

अपने-आप प्राप्त हुआ युद्ध खुला हुआ स्वर्गका दरवाजा भी है। हे पृथानन्दन ! वे क्षत्रिय बड़े सुखी (भाग्यशाली) हैं, जिनको ऐसा युद्ध प्राप्त होता है।

English Meaning

Happy are the Kshatriyas, O Arjuna! who are called upon to fight in such a battle that comes of itself as an open door to heaven.

Happy are the Kshatriyas, O Arjuna! who are called upon to fight in such a battle that comes of itself as an open door to heaven.

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