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श्रीमद्भगवद्गीता · सांख्य योग

श्लोक 68

सांख्य योग · Sankhya Yoga

मूल पाठ

तस्माद्यस्य महाबाहो निगृहीतानि सर्वशः | इन्द्रियाणीन्द्रियार्थेभ्यस्तस्य प्रज्ञा प्रतिष्ठिता

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

इसलिये हे महाबाहो! जिस मनुष्यकी इन्द्रियाँ इन्द्रियोंके विषयोंसे सर्वथा निगृहीत (वशमें की हुई) हैं, उसकी बुद्धि स्थिर है।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

इसलिये हे महाबाहो! जिस मनुष्यकी इन्द्रियाँ इन्द्रियोंके विषयोंसे सर्वथा निगृहीत (वशमें की हुई) हैं, उसकी बुद्धि स्थिर है।

English Meaning

Therefore, O mighty-armed Arjuna, his knowledge is steady whose senses are completely restrained from sense-objects.

Therefore, O mighty-armed Arjuna, his knowledge is steady whose senses are completely restrained from sense-objects.

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