लिङ्गमहापुराण — शिवतत्त्व का दिव्य ग्रन्थ
श्रीलिङ्गमहापुराण के पूर्वभाग एवं उत्तरभाग के समस्त अध्याय — शिवतत्त्व, लिङ्गोपासना, सृष्टि-तत्त्व और सनातन आध्यात्मिकता के साथ।
रचयिता — महर्षि वेदव्यास · कुल 163 पद/श्लोक
लिङ्गमहापुराण
श्रीलिङ्गमहापुराण के भाग
श्रीलिङ्गमहापुराण के पूर्वभाग एवं उत्तरभाग के समस्त अध्याय — शिवतत्त्व, लिङ्गोपासना और सनातन आध्यात्मिकता के साथ।
श्रीलिङ्गमहापुराण के बारे में
श्रीलिङ्गमहापुराण महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित सनातन परम्परा का अद्वितीय ग्रंथ है। इसे काल-कालान्तर से भक्तगण नित्य पाठ करते आए हैं। इस ग्रंथ का प्रत्येक पद आत्मिक उन्नति, धर्म, मोक्ष और भगवद-भक्ति की दिशा में मार्गदर्शक है।
ऊपर दिए गए भागों पर क्लिक करके आप उनसे सम्बंधित समस्त चौपाई/श्लोकों का मूल पाठ, सरल हिन्दी अर्थ और विस्तृत व्याख्या पढ़ सकते हैं।