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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

दोहा 15

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

भरत सपथ तोहि सत्य कहु परिहरि कपट दुराउ। हरष समय बिसमउ करसि कारन मोहि सुनाउ॥15॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तुझे भरत की सौगंध है, छल-कपट छोड़कर सच-सच कह। तू हर्ष के समय विषाद कर रही है, मुझे इसका कारण सुना॥15॥

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