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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 191

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

भाइहु लावहु धोख जनि आजु काज बड़ मोहि। सुनि सरोष बोले सुभट बीर अधीर न होहि॥191॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

(उसने कहा-) हे भाइयों! धोखा न लाना (अर्थात मरने से न घबड़ाना), आज मेरा बड़ा भारी काम है। यह सुनकर सब योद्धा बड़े जोश के साथ बोल उठे- हे वीर! अधीर मत हो॥191॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 191 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik