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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

दोहा 19

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

कद्रूँ बिनतहि दीन्ह दुखु तुम्हहि कौसिलाँ देब। भरतु बंदिगृह सेइहहिं लखनु राम के नेब॥19॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

कद्रू ने विनता को दुःख दिया था, तुम्हें कौसल्या देगी। भरत कारागार का सेवन करेंगे (जेल की हवा खाएँगे) और लक्ष्मण राम के नायब (सहकारी) होंगे॥19॥

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