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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

दोहा 22

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

बड़ कुघातु करि पातकिनि कहेसि कोपगृहँ जाहु। काजु सँवारेहु सजग सबु सहसा जनि पतिआहु॥22॥॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

पापिनी मन्थरा ने बड़ी बुरी घात लगाकर कहा- कोपभवन में जाओ। सब काम बड़ी सावधानी से बनाना, राजा पर सहसा विश्वास न कर लेना (उनकी बातों में न आ जाना)॥22॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 22 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik