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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

दोहा 24

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

साँझ समय सानंद नृपु गयउ कैकई गेहँ। गवनु निठुरता निकट किय जनु धरि देह सनेहँ॥24॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

संध्या के समय राजा दशरथ आनंद के साथ कैकेयी के महल में गए। मानो साक्षात स्नेह ही शरीर धारण कर निष्ठुरता के पास गया हो!॥24॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 24 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik