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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

दोहा 38

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

परी न राजहि नीद निसि हेतु जान जगदीसु। रामु रामु रटि भोरु किय कहइ ना मरमु महीसु॥38॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

राजा को रातभर नींद नहीं आई, इसका कारण जगदीश्वर ही जानें। इन्होंने ‘राम राम’ रटकर सबेरा कर दिया, परन्तु इसका भेद राजा कुछ भी नहीं बतलाते॥38॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 38 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik