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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

दोहा 7

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

एहि अवसर मंगलु परम सुनि रहँसेउ रनिवासु। सोभत लखि बिधु बढ़त जनु बारिधि बीचि बिलासु॥7॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

इसी समय यह परम मंगल समाचार सुनकर सारा रनिवास हर्षित हो उठा। जैसे चन्द्रमा को बढ़ते देखकर समुद्र में लहरों का विलास (आनंद) सुशोभित होता है॥7॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 7 अयोध्या काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik