भगवान्के द्वारा पृथ्वीको आश्वासन, वसुदेव-देवकीका विवाह और कंसके द्वारा देवकीके छः पुत्रोंकी हत्या
इस अध्यायमें परीक्षित् भगवान् श्रीकृष्णकी लीलाओंके विषयमें प्रश्न करते हैं। श्रीशुकदेवजी पृथ्वीके भारसे पीड़ित होकर ब्रह्माजीकी शरण जाने, देवताओंको यदुवंशमें जन्म लेनेकी आज्ञा, वसुदेव-देवकीके विवाह, कंसको आकाशवाणीसे भय होने, वसुदेवजीके उपदे…