उद्धव और विदुरकी भेंट
इस अध्याय में परीक्षित् मैत्रेय और विदुरके संवादके विषयमें पूछते हैं। शुकदेवजी धृतराष्ट्रके अन्याय, विदुरजीकी नीति, दुर्योधनद्वारा उनके अपमान और विदुरजीके तीर्थयात्रा-व्रतका वर्णन करते हैं। आगे विदुरजी प्रभास और सरस्वतीतटसे होते हुए यमुनातट…