राजस्थान
जयपुर (राजस्थान) में शुभ मुहूर्त जानना हर शुभ कार्य के लिए आवश्यक है। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होता है — यह ध्यान, पूजा और अध्ययन के लिए सर्वोत्तम है।
अभिजित मुहूर्त दोपहर के समय लगभग 48 मिनट का होता है और शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है; बुधवार को यह परंपरागत रूप से नहीं लिया जाता। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
जयपुर में 30 जनवरी 2025, गुरुवार का यह पेज केवल एक शुभ स्लॉट दिखाने के लिए नहीं है; इसका सही उपयोग तब होता है जब आप ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और साथ वाले अशुभ काल को एक ही निर्णय का हिस्सा बनाते हैं।
अगर कार्य बहुत महत्वपूर्ण है, तो सिर्फ अभिजीत या ब्रह्म मुहूर्त देखकर निर्णय न लें। उसी दिन की तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त का फर्क भी साथ देखना चाहिए।
9 अन्य शहरों के लिंक इसलिए उपयोगी हैं क्योंकि मुहूर्त समय स्थान बदलने पर बदल सकता है। यात्रा, विवाह या पूजा का शहर अलग हो तो उसी शहर का समय प्राथमिक मानें।
ध्यान, जप और अध्ययन जैसे कार्यों के लिए ब्रह्म मुहूर्त को प्राथमिकता दें।
नया काम, यात्रा या लेन-देन शुरू करना हो तो पहले राहुकाल और यमगंड से टकराव देखें।
विवाह, गृहप्रवेश या संस्कार जैसे काम के लिए पंचांग, तिथि और नक्षत्र भी साथ मिलाकर देखें।
जयपुर में ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होकर 48 मिनट चलता है। यह ध्यान और साधना के लिए सर्वोत्तम है।
जयपुर में 30 जनवरी 2025, गुरुवार को अभिजित मुहूर्त 12:18 से 13:02 तक है।
राहु काल अशुभ काल है जिसमें नए काम शुरू न करें। शुभ मुहूर्त जैसे ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त सकारात्मक समय हैं।
अभिजित मुहूर्त में गृह प्रवेश, विवाह, व्यापार शुरू करना, नई वस्तु खरीदना, यात्रा प्रारंभ करना सभी शुभ माने जाते हैं।