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विष्णु पुराण — 3 लेख

विष्णु पुराण से सम्बन्धित 3 विस्तृत लेख — पूजा विधि, मंत्र, कथा और शास्त्रीय जानकारी।

विष्णु पुराण 17: भक्त प्रह्लाद की नवधा भक्ति (सम्पूर्ण व्याख्या) !
विष्णु पुराण

विष्णु पुराण 17: भक्त प्रह्लाद की नवधा भक्ति (सम्पूर्ण व्याख्या) !

कैसे विष्णु पुराण के सप्तदश अध्याय में हिरण्यकशिपु का अहंकार, नारद जी का गर्भस्थ उपदेश और प्रह्लाद की समदृष्टि भक्ति मिलकर धर्म-अधर्म की सीमाएँ पुनः निर्धारित करते हैं—पढ़िए सम्पूर्ण व्याख्या

विष्णु पुराण अध्याय 16: प्रह्लाद की शिक्षा (अहंकार पर ज्ञान का पाठ)!
विष्णु पुराण

विष्णु पुराण अध्याय 16: प्रह्लाद की शिक्षा (अहंकार पर ज्ञान का पाठ)!

जानिए कैसे षोडश अध्याय में मैत्रेय–पराशर संवाद प्रह्लाद चरित्र की नींव रखता है—भक्ति, धर्म और अहंकार के शाश्वत संघर्ष की पूरी व्याख्या

विष्णु पुराण अध्याय 3: काल-तत्त्व और 'युग-गणना' का रहस्य!
विष्णु पुराण

विष्णु पुराण अध्याय 3: काल-तत्त्व और 'युग-गणना' का रहस्य!

श्रीविष्णुपुराणम्: प्रथम अंश, तृतीय अध्याय — काल-स्वरूप, सृष्टि-क्रम और ब्रह्मा का प्राकट्य (सरल हिन्दी भाष्य)

विष्णु पुराण — सम्पूर्ण जानकारी

विष्णु पुराण से सम्बन्धित 3 विस्तृत लेख यहाँ उपलब्ध हैं। प्रत्येक लेख में शास्त्रीय प्रमाण, पूजा विधि, मंत्र, सामग्री और व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया गया है। विष्णु पुराण के बारे में विस्तार से जानने के लिए किसी भी लेख पर क्लिक करें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

विष्णु पुराण को गहराई से समझने का तरीका

विष्णु पुराण विषय को समझने के लिए एक लेख पर्याप्त नहीं होता, क्योंकि अलग-अलग लेख उसके महत्व, विधि, संदर्भ और व्यवहारिक पक्ष को अलग कोण से खोलते हैं।

3 लेख वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

इस संग्रह को पढ़ते समय महत्व, विधि, समय, शास्त्रीय आधार और व्यवहारिक उपयोग जैसे पहलुओं को साथ में देखना चाहिए। यही तरीका किसी भी विषय को सतही जानकारी से आगे ले जाकर उपयोगी समझ में बदलता है।

शुरुआत उन लेख से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।