ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
24 नवंबर 2025

24 नवंबर 2025 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

24 नवंबर 2025 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल चतुर्थी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
योग
शूल
करण
वणिज
वार
सोमवार
हिन्दू मास
मार्गशीर्ष
ऋतु
हेमन्त
सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:25

24 नवंबर 2025 के लिए प्रश्नोत्तर

चंद्र देव की पूजा कैसे करें?

सोमवार शाम/रात, चंद्र दर्शन, सफ़ेद फूल+दूध। 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे' 108। चावल/दूध/चांदी दान। पूर्णिमा सर्वोत्तम। मोती(ज्योतिषी)। शांति/नींद/माता सुख।

अविवाहित लड़की सोमवार व्रत रख सकती क्या?

हाँ — विशेष शुभ। 16 सोमवार=अच्छा वर। पार्वती ने शिव हेतु व्रत किया। श्रावण सोमवार विशेष। शिवलिंग स्पर्श=परंपरा भिन्न (शास्त्रीय निषेध नहीं)। शिव=अर्धनारीश्वर।

सोमवार को कौन से काम शुभ?

सोमवार=चंद्र। शिव पूजा, यात्रा, नया कार्य, दूध/चांदी/मोती खरीद, गृहप्रवेश, शिक्षा, चिकित्सा। शत्रु/आक्रामक कार्य वर्जित।

अष्टका श्राद्ध किन महीनों में होता है?

मार्गशीर्ष, पौष, माघ और फाल्गुन में।

चौथ भरणी क्या होती है?

चतुर्थी पर भरणी नक्षत्र का श्राद्ध चौथ भरणी कहलाता है।

अविवाहित कन्याएँ माँ कात्यायनी की पूजा क्यों करती हैं?

अविवाहित कन्याएँ पूजा क्यों: गोपियों ने श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए कात्यायनी की पूजा की थी। आज भी: मार्गशीर्ष माह में कात्यायनी व्रत = मनचाहे जीवनसाथी के लिए। सच्चे मन से पुकारने वाली कन्या को योग्य जीवनसाथी का वरदान।

माँ मातंगी की साधना कब करनी चाहिए?

मातंगी साधना का समय: उच्छिष्ट मातंगी = सोमवार, रात्रि 9 बजे के बाद। राज मातंगी = रात्रि 10 बजे के बाद या ब्रह्म मुहूर्त। सामान्य मातंगी साधना = रात्रि 9 बजे के बाद।

श्री रुद्र मंत्र साधना कब शुरू करनी चाहिए?

श्री रुद्र मंत्र साधना सोमवार, प्रदोष या शिवरात्रि से प्रारंभ की जा सकती है।

चन्द्रदोष निवारण के लिए चन्द्रशेखराष्टकम् कब पढ़ें?

चन्द्रदोष निवारण के लिए सोमवार प्रदोष काल, पूर्णिमा, महाशिवरात्रि और श्रावण सोमवार पर चन्द्रशेखराष्टकम् का पाठ विशेष फलदायी है।

चन्द्रशेखराष्टकम् पाठ के लिए कौन सा दिन शुभ है?

सोमवार चन्द्रशेखराष्टकम् पाठ के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन है — यह चन्द्रमा और शिव दोनों का दिन है। पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर भी विशेष फल मिलता है।

चन्द्रशेखराष्टकम् का पाठ कब करना चाहिए?

चन्द्रशेखराष्टकम् सोमवार को प्रदोष काल में करें। विशेष फल के लिए पूर्णिमा, महाशिवरात्रि और श्रावण मास के सोमवार पर पाठ करें।

राहु केतु दोष के लिए शिवलिंग पर क्या उपाय करें?

राहु-केतु दोष के लिए हर सोमवार शिवलिंग के पास काले तिल का दिया जलाएं और तिल के तेल से अभिषेक करें — मनोकामना दोहराते हुए यह उपाय करें।

शनि दोष के लिए रुद्राभिषेक में क्या करें?

शनि दोष के लिए हर सोमवार शिवलिंग के पास काले तिल का दिया जलाएं और तिल के तेल से अभिषेक करें — यह शनि और सर्प दोष निवारण में अत्यंत सहायक है।

कैलाश वास तिथि पर रुद्राभिषेक करने से क्या होता है?

कैलाश वास तिथि (चतुर्थी, एकादशी, पंचमी, द्वादशी) पर रुद्राभिषेक करने से मनोकामना सिद्धि, सुख-समृद्धि और आनंद वृद्धि होती है — यह शुभ तिथि मानी जाती है।

अर्धनारीश्वर स्तोत्र पाठ के लिए कौन सा दिन सबसे शुभ है?

अर्धनारीश्वर स्तोत्र के लिए सोमवार सबसे शुभ दिन है। इसके अलावा नवरात्रि और महाशिवरात्रि पर भी यह स्तोत्र विशेष फल देता है।

शाबर साधना के लिए शुभ समय और तिथियां कौन सी हैं?

सावन का महीना, सोमवार, ग्रहण काल और पूर्णिमा साधना सिद्ध करने के लिए सर्वोत्तम समय हैं।

किन तिथियों और दिनों में बेलपत्र नहीं तोड़ना चाहिए?

बेलपत्र को रात में, सोमवार के दिन, दोपहर के बाद और विशेष तिथियों (जैसे चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, अमावस्या, पूर्णिमा और संक्रांति) पर तोड़ना मना है।

संकष्टी चतुर्थी का व्रत कब होता है?

यह व्रत हर हिंदू महीने के 'कृष्ण पक्ष' (अंधेरे पखवाड़े) की चतुर्थी (चौथी) तिथि को रखा जाता है।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

शहर अनुसार पंचांग
अपने नगर का पंचांग देखें

3,000+ नगरों का सटीक पंचांग, मुहूर्त और राहु काल।