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2 जनवरी 2026

2 जनवरी 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

2 जनवरी 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल चतुर्दशी
नक्षत्र
मृगशिरा
योग
शुक्ल
करण
गर
वार
शुक्रवार
हिन्दू मास
पौष
ऋतु
हेमन्त
सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:36

2 जनवरी 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

शुक्रवार को सफेद वस्तुएं दान करने का क्या महत्व है?

शुक्रवार शुक्र ग्रह का दिन है, सफेद रंग शुक्र का कारक है। सफेद वस्तुओं (चावल, दूध, वस्त्र, मिश्री) का दान करने से शुक्र मजबूत होता है — वैवाहिक सुख, सौंदर्य और भौतिक समृद्धि बढ़ती है।

शुक्रवार को कौन से काम शुभ?

शुक्रवार=शुक्र(लक्ष्मी/सौंदर्य)। खरीदारी, वाहन, कपड़े, आभूषण, कला, गृहप्रवेश। संतोषी/लक्ष्मी पूजा। खट्टा वर्जित(व्रत)।

राम जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा है

राम पूजा के लिए — मंगलवार (हनुमान के साथ), रामनवमी (चैत्र शुक्ल नवमी, जन्म-दिवस) सर्वोत्तम। नित्य राम-नाम जप में कोई भी दिन उत्तम है। शनिवार को हनुमान-राम पूजन शनि-पीड़ा निवारण के लिए विशेष।

वैभव लक्ष्मी व्रत की विधि और कथा क्या है?

11/21 शुक्रवार। संध्या पूजा, कमल, घी दीपक। व्रत कथा सुनें। खीर भोग। कथा पुस्तक दूसरी को दें। कथा: निर्धन→व्रत→धन; अपमान→दरिद्रता; पुनः व्रत→सुख। लोक परंपरा।

शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा करने का विशेष विधान क्या है?

शुक्रवार = लक्ष्मी दिन। सफेद/गुलाबी वस्त्र, कमल, कुमकुम, घी दीपक। श्री सूक्त / चालीसा + 108 जप। खीर भोग। व्रत: निराहार/फलाहार, सफेद वस्तु दान। संध्या तुलसी दीपक।

संतोषी माता व्रत कथा और पूजा विधि क्या है?

16 शुक्रवार व्रत। भोग: गुड़+चना। खट्टा सर्वथा वर्जित (खाना+खिलाना)। एक समय भोजन। व्रत कथा+आरती। उद्यापन: 8 बालकों को भोजन। कथा: छोटी बहू → माता दर्शन → व्रत → सुख-समृद्धि। पुराणों में स्पष्ट उल्लेख नहीं — लोक परंपरा आधारित।

शिव की पूजा में चतुर्दशी तिथि का क्या विशेष महत्व है?

चतुर्दशी = शिवरात्रि — शिव पूजा की सर्वश्रेष्ठ तिथि। शिव पुराण: इसी रात्रि ज्योतिर्लिंग प्रकट। चंद्र कला न्यूनतम = शिव शक्ति अधिकतम। कृष्ण पक्ष चतुर्दशी प्रत्येक मास = मासिक शिवरात्रि। महाशिवरात्रि सर्वोपरि।

शस्त्रहत पितरों का श्राद्ध कब होता है?

चतुर्दशी को।

हिंसक अकाल मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

चतुर्दशी तिथि को।

चतुर्दशी और त्रयोदशी श्राद्ध में क्या अंतर है?

त्रयोदशी बाल/युवा; चतुर्दशी हिंसक मृत्यु।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध किस दिन करें?

पितृ पक्ष की चतुर्दशी को।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध एकादशी को होता है क्या?

नहीं, चतुर्दशी को।

दशमी को अकाल मृत्यु हो तो श्राद्ध कब करें?

चतुर्दशी को।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध दशमी को होता है क्या?

नहीं, अकाल मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को।

अविधवा नवमी चतुर्दशी से अलग क्यों है?

अविधवा-त्व को विशेष पवित्र माना गया है।

चतुर्दशी श्राद्ध किनके लिए होता है?

अकाल और अप्राकृतिक मृत्यु वालों के लिए।

अकाल मृत्यु का श्राद्ध अष्टमी को होता है क्या?

नहीं, अकाल मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को।

जल में डूबने से मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

जल में डूबने से मृत्यु का श्राद्ध चतुर्दशी को करें।

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