विस्तृत उत्तर
भगवान राम की पूजा के लिए शास्त्रों में विशेष दिन और अवसर बताए गए हैं:
मंगलवार — हनुमान जी राम के परम भक्त हैं और मंगलवार उनका दिन है। चूँकि हनुमान राम-नाम के उपासक हैं, मंगलवार को हनुमान-पूजन के साथ राम-पूजन करना विशेष फलदायी है। राम-पूजन का हनुमान से अविभाज्य संबंध है।
शुक्रवार — कुछ परंपराओं में सीता-राम की पूजा के लिए शुक्रवार विशेष माना जाता है।
रामनवमी — चैत्र शुक्ल नवमी (राम जी का जन्म-दिवस) वर्ष का सर्वश्रेष्ठ राम-पूजा का दिन है। इस दिन विशेष भोग, अभिषेक और रामायण पाठ का विधान है।
शनिवार — शनि की कठोरता से मुक्ति के लिए राम पूजन के साथ हनुमान पूजन शनिवार को विशेष फलदायी है।
नित्य पूजा — वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में कहा गया है कि जो प्रतिदिन राम नाम लेता है उसे रोजाना राम-दर्शन का फल मिलता है।
सारांश — नित्य जप के लिए कोई भी दिन उत्तम। साप्ताहिक पूजा के लिए मंगलवार। वार्षिक महोत्सव के लिए रामनवमी सर्वोत्तम है।



