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25 अप्रैल 2026

25 अप्रैल 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

25 अप्रैल 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल नवमी
नक्षत्र
आश्लेषा
योग
गंड
करण
बालव
वार
शनिवार
हिन्दू मास
वैशाख
ऋतु
वसन्त
सूर्योदय
05:46
सूर्यास्त
18:53

आज के पर्व

नवमी

25 अप्रैल 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

विष्णु जी की पूजा का सबसे उत्तम दिन कौन सा है

विष्णु-पूजा के लिए — गुरुवार (प्रमुख दिन, पीले वस्त्र और केले का भोग), एकादशी (प्रिय तिथि), वैशाख और कार्तिक मास (विशेष पुण्यकारी)। जन्माष्टमी और रामनवमी अवतार-पर्व हैं।

दुर्गा पूजा में सप्तमी अष्टमी नवमी का क्या विशेष महत्व है?

सप्तमी: नबपत्रिका, प्राण प्रतिष्ठा, नेत्रोन्मीलन। अष्टमी: संधि पूजा (108 दीपक), कुमारी पूजा = सर्वशक्तिशाली। नवमी: हवन/पूर्णाहुति, कन्या पूजन, वरदान।

शनिवार को हनुमान जी को तेल-सिंदूर चढ़ाने का विधान?

कथा: हनुमान जी ने राम की आयु बढ़ाने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया। विधि: नारंगी सिंदूर+चमेली तेल, दाहिने कंधे का तिलक। मंगल/शनिवार। शनि ने वचन दिया — हनुमान भक्तों को कष्ट नहीं।

शनि शांति के लिए शनिवार उपाय?

पीपल तेल दीपक+परिक्रमा, 'ॐ शं शनैश्चराय' 108, तिल/तेल/लोहा/कंबल दान, छाया दान, कौवा रोटी, गरीब सेवा, शनि चालीसा। ईमानदारी+मेहनत+सेवा=सबसे बड़ा उपाय।

नवरात्रि में कन्या पूजन की विधि और कितनी कन्याओं की पूजा करें?

9 कन्या सर्वोत्तम (नवदुर्गा)। 7/5/2+1/1 भी मान्य। आयु 2-10 वर्ष। विधि: चरण धोएं → तिलक → चुनरी+श्रृंगार → हलवा-पूरी-चना+खीर → दक्षिणा → प्रणाम। अष्टमी/नवमी।

शनिवार को लोहे की चीजें खरीदना शुभ है या अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को लोहा खरीदना अशुभ है — लोहा शनिदेव का कारक है। शनिवार को लोहे का दान करना शुभ है। बाध्यता में खरीदें तो तुरंत घर अंदर न लाएँ। इस विषय पर मत भिन्नता है।

देवी की पूजा में अष्टमी और नवमी का क्या विशेष महत्व है?

अष्टमी: देवी शक्ति सर्वोच्च, संधि पूजा, हवन, रक्तबीज वध। नवमी: कन्या पूजन (9=9 देवी), पूर्णाहुति, वरदान अध्याय। दोनों = नवरात्रि चरमोत्कर्ष — 2 दिन = 9 दिन फल।

मातंगी देवी की साधना से वाक् सिद्धि कैसे प्राप्त होती है?

नवमी महाविद्या — वाक्/कला देवी। बीज: 'ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा'। वाक् सिद्धि = सम्मोहक वाणी। कवि/वक्ता/गायक/कलाकार। गृहस्थ सुख सर्वोत्तम। हरा रंग।

दुर्गा पूजा में संधि पूजा क्या होती है और कब की जाती है?

अष्टमी-नवमी संधिकाल (~24-48 मिनट)। चंड-मुंड/शुम्भ-निशुम्भ वध क्षण। 108 दीपक + 108 पुष्प + बलिदान (प्रतीकात्मक)। नवरात्रि सबसे शक्तिशाली पूजा।

सुहागिन स्त्री का श्राद्ध किस दिन करें?

मातृ नवमी को।

नवमी श्राद्ध न करने से क्या होता है?

मातृ-दोष और बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।

नवमी श्राद्ध से पितृ दोष मिटता है क्या?

हाँ, पितृ दोष शांति में सहायक है।

नवमी श्राद्ध में कौन से पिण्ड चढ़ते हैं?

मातृ-पितरों के पिण्ड।

नवमी श्राद्ध में तर्पण कैसे करें?

तिल-कुश-जल से दक्षिणमुख तर्पण।

नवमी श्राद्ध में श्राद्धकर्ता कैसे बैठे?

कुशा, रेशम या ऊन के आसन पर।

नवमी श्राद्ध का अधिकारी कौन है?

पुत्र सहित योग्य परिजन।

कन्या की मृत्यु पर नवमी श्राद्ध होता है क्या?

अविवाहित कन्या के लिए सामान्यतः नहीं।

अविधवा स्त्री की अकाल मृत्यु हो तो श्राद्ध कब?

अविधवा नवमी को।

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पर्व-पञ्चांग

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