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5 मई 2026

5 मई 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

5 मई 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
योग
शिव
करण
बव
वार
मंगलवार
हिन्दू मास
ज्येष्ठ
ऋतु
ग्रीष्म
सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
18:59

आज के पर्व

संकष्टी

5 मई 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

गणपति अथर्वशीर्ष 21 बार पढ़ने से क्या होता है?

संकष्टी पर 21 बार=दोगुना फल, बिगड़े काम बनें। अथर्वशीर्ष: 1000 बार=सभी कामना सिद्ध। महाविघ्न/महापाप मुक्ति। दैनिक 1, बुधवार विशेष। विद्यार्थी/व्यापारी/सभी।

मंगलवार को लाल कपड़ा बांधने से क्या लाभ होता है?

मंगलवार मंगल ग्रह और हनुमान जी का दिन है। लाल कपड़ा बाँधने/पहनने से मंगल दोष शांति, साहस वृद्धि, हनुमान कृपा और बुरी शक्तियों से रक्षा होती है। हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाना विशेष शुभ है।

मंदिर में स्नान यात्रा क्या होती है?

ज्येष्ठ पूर्णिमा (पुरी) — 108 कलश अभिषेक (सार्वजनिक)। बाद: 15 दिन एकांत ('बीमार') → नव यौवन → रथ यात्रा! जगन्नाथ विशेष।

हनुमान अष्टक पाठ का सही समय

हनुमान अष्टक का पाठ संध्या काल या रात्रि के समय करना सर्वाधिक प्रभावशाली होता है। संकट के समय मंगलवार या शनिवार की रात इसका पाठ अचूक फल देता है।

मंगलवार को हनुमान जी की पूजा कैसे करें?

स्नान→लाल/केसरिया वस्त्र→दीपक (सरसों तेल)→सिंदूर+तेल→केसरिया चोला→गुड़-चने भोग→हनुमान चालीसा (1-7 बार)→बजरंग बाण→आरती→प्रसाद। 'ॐ हं हनुमते नमः' 108 बार। मांसाहार वर्जित।

चौथ भरणी क्या होती है?

चतुर्थी पर भरणी नक्षत्र का श्राद्ध चौथ भरणी कहलाता है।

माँ तारा की साधना कब करनी चाहिए?

तारा साधना का शुभ काल: माघ गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन (विशेष शुभ)। अर्धरात्रि = श्रेष्ठ फलदायी। किसी भी शुभ दिन, मंगलवार या शुक्ल पक्ष पंचमी से प्रारंभ।

माँ धूमावती को अलक्ष्मी या ज्येष्ठा क्यों कहते हैं?

माँ धूमावती = अलक्ष्मी (लक्ष्मी की विपरीत) और ज्येष्ठा (दुर्भाग्य की देवी)। लक्ष्मी = सौभाग्य-समृद्धि; धूमावती = दुर्भाग्य-अभाव-कुरूपता का प्रतिनिधित्व। सांसारिक मोह के त्याग का प्रतीक।

अलक्ष्मी (ज्येष्ठा) कौन हैं?

अलक्ष्मी (ज्येष्ठा) = दरिद्रता, कलह और दुर्भाग्य की अधिष्ठात्री। मलिन वस्त्र, लाल नेत्र, बूढ़ी, दंतहीन, भयंकर। मंथन में शुभ से पहले विकार-विष निकलते हैं — यह गहरा मनोवैज्ञानिक सत्य है।

व्यापार वृद्धि के लिए बटुक भैरव साधना कैसे करें?

व्यापार वृद्धि के लिए: हर मंगलवार संकल्प पूर्वक कुत्तों को लड्डू खिलाएं, बटुक भैरव यंत्र स्थापित करें और नित्य एक माला जाप करें।

कुत्तों को लड्डू खिलाने से क्या होता है?

भैरव का वाहन श्वान (कुत्ता) है — हर मंगलवार को लड्डू कुत्तों को खिलाने से भैरव की कृपा और व्यापार वृद्धि होती है।

बटुक भैरव साधना किस दिन शुरू करनी चाहिए?

बटुक भैरव साधना किसी भी मंगलवार या कालाष्टमी (मंगल विशेष अष्टमी) के दिन शुरू करनी चाहिए।

कैलाश वास तिथि पर रुद्राभिषेक करने से क्या होता है?

कैलाश वास तिथि (चतुर्थी, एकादशी, पंचमी, द्वादशी) पर रुद्राभिषेक करने से मनोकामना सिद्धि, सुख-समृद्धि और आनंद वृद्धि होती है — यह शुभ तिथि मानी जाती है।

संकष्टी चतुर्थी का व्रत कब होता है?

यह व्रत हर हिंदू महीने के 'कृष्ण पक्ष' (अंधेरे पखवाड़े) की चतुर्थी (चौथी) तिथि को रखा जाता है।

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी क्या होती है?

मंगलवार के दिन पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को 'अंगारकी चतुर्थी' कहते हैं। यह व्रत 108 संकष्टी व्रतों के बराबर फल देता है और मंगल दोष व कर्ज से मुक्ति दिलाता है।

मंगल शांति मंगलवार उपाय

मंगलवार: हनुमान चालीसा+'ॐ अं अंगारकाय नमः' 108+लाल+सिंदूर+चमेली तेल+लड्डू+सुंदरकांड+लाल दान।

मंगलवार हनुमान पूजा मंगल दोष में कैसे सहायक

हनुमान=मंगल अधिपति → मंगलवार=हनुमान दिवस। पूजा=मंगल नकारात्मकता शमन। सिंदूर+चमेली तेल+चालीसा+लड्डू। विवाह बाधा, शत्रु, कानून=लाभ।

मंगलवार को मांसाहार खाना चाहिए या नहीं

मंगलवार मांसाहार वर्जित (लोक परंपरा) — हनुमान जी का दिन, सात्विकता। अन्य: गुरुवार, शनिवार, एकादशी, नवरात्रि। यह कुल परंपरा/आस्था आधारित — वैदिक ग्रंथों में विशिष्ट दिन का निषेध स्पष्ट नहीं।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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