श्रीमद्भागवतनिष्काम भक्ति का मतलब क्या है?निष्काम भक्ति का अर्थ है बिना किसी फल-कामना के भगवान में स्थिर प्रेम, जिससे ज्ञान और वैराग्य अपने आप आते हैं।#निष्काम भक्ति#भक्ति#वासुदेव
लोकवैकुण्ठ द्वार का अर्थ क्या है?वैकुण्ठ द्वार दिव्य प्रवेश और विकार-त्याग का प्रतीक है।#वैकुण्ठ द्वार#मोक्ष#भक्ति
भक्ति एवं आध्यात्मशरणागति का अर्थ क्या हैशरणागति का अर्थ है — अपनी असमर्थता स्वीकार करके भगवान के चरणों में पूर्ण समर्पण। गीता 18.66 में श्रीकृष्ण ने यही सबसे बड़ा रहस्य कहा है।#शरणागति#प्रपत्ति#भक्ति
भक्ति एवं पूजासच्ची भक्ति क्या होती हैबिना शर्त प्रेम। नवधा भक्ति (श्रवण→आत्मनिवेदन)। कुछ न मांगना, कृतज्ञता, सुख-दुख समान, दिखावा नहीं, सेवा में भगवान। मीरा/हनुमान/प्रह्लाद। गीता: ज्ञानी+प्रेमी दोनों प्रिय।#भक्ति#सच्ची#अर्थ
स्वप्न शास्त्रसपने में पूजा करते हुए दिखने का अर्थपूजा का सपना = अत्यंत शुभ। ईश्वर कृपा, कष्ट निवारण, मनोकामना पूर्ति, पुण्य संचय। अधूरी पूजा = अधूरा कार्य पूर्ण करें। पूजा में बाधा = जीवन में अवरोध, धैर्य रखें। जागकर ईश्वर को धन्यवाद दें, मंदिर दर्शन और दान करें।#पूजा#सपना#शुभ