श्री हनुमान / संकटमोचन हनुमानाष्टक स्तोत्र मंत्र
काज किये बड़ देवन के तुम, वीर महाप्रभु देखि बिचारो । कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसों नहिं जात है टारो ॥ बेगि हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होय हमारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ 40
घोर संकटों से मुक्ति, अभीष्ट इच्छाओं की पूर्ति और समस्त नकारात्मक परिस्थितियों से बचाव 39।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
घोर संकटों से मुक्ति, अभीष्ट इच्छाओं की पूर्ति और समस्त नकारात्मक परिस्थितियों से बचाव 39।
इस मंत्र से क्या होगा?
घोर संकटों से मुक्ति, अभीष्ट इच्छाओं की पूर्ति और समस्त नकारात्मक परिस्थितियों से बचाव
जाप विधि
संकल्प लेकर 41 दिन तक प्रतिदिन 108 पाठ करें और 41वें दिन दशांश हवन करें। मंगलवार का दिन विशेष फलदायी है 39।
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यशोदानंदन
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