परिचयअनंत चतुर्दशी क्या है और क्यों मनाई जाती है?यह भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में भगवान विष्णु के 'अनन्त' स्वरूप की पूजा का दिन है। यह पर्व ब्रह्मांडीय शक्तियों से जुड़ने और भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए मनाया जाता है।#अनंत चतुर्दशी#भाद्रपद मास#परब्रह्म
व्रत विधिअनंत चतुर्दशी पर अनंत धागा बांधने की विधि क्या है?अनंत धागा: हल्दी रंगा सूत/रेशम → 14 गाँठ (प्रति गाँठ 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय') → विष्णु पूजन → 'अनन्त संसारमहासमुद्रे...' मंत्र → पुरुष दाहिने, स्त्री बाएँ हाथ → 14 वर्ष व्रत → उद्यापन। 14 गाँठ = 14 भुवन।
व्रत विधिअनंत चतुर्दशी व्रत की विधि क्या है?अनंत चतुर्दशी: भाद्रपद शुक्ल 14। विधि: 14 गाँठ पीला धागा (अनंत सूत्र) → शेषनाग/अनंत विष्णु पूजन → 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' → कथा श्रवण → सूत्र बंधन (पुरुष दाहिने, स्त्री बाएँ)। 14 वर्ष व्रत। गणेश विसर्जन दिवस।#अनंत चतुर्दशी#विष्णु#भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी