लोकस्वर्लोक में चार दिव्य झीलें कौन सी हैं?स्वर्लोक में चार दिव्य झीलें हैं जिनमें शुद्ध जल, दूध, शहद और गन्ने का रस भरा है। इनके सेवन से अष्ट-सिद्धियाँ और योग शक्तियाँ स्वतः प्राप्त होती हैं।#स्वर्लोक#चार झीलें#दूध
लोकसिद्ध और चारण कौन होते हैं?सिद्ध अष्ट-सिद्धियों से युक्त महात्माएं हैं, चारण देवताओं की कीर्ति का गान करने वाले और विद्याधर दिव्य विद्याओं के धारक हैं।#सिद्ध#चारण#विद्याधर
मंत्र विधिमंत्र जप से अष्ट सिद्धि प्राप्त करने का क्या विधान है?पतंजलि (3.45): शरीर जय → सिद्धि। गुरु अनिवार्य। वर्षों/दशकों साधना। ब्रह्मचर्य, त्याग, एकांत। गीता: सिद्धि आसक्ति = मोक्ष बाधक। पतंजलि (3.37): 'सिद्धियां समाधि में उपसर्ग (बाधा)।' सामान्य: भक्ति/शांति/मोक्ष = लक्ष्य, सिद्धि नहीं।#अष्ट सिद्धि#सिद्धि#मंत्र