जप नियममंत्र जप के बाद 'क्षमा प्रार्थना' क्यों जरूरी हैजप या पूजा में अनजाने में हुए उच्चारण, विधि या ध्यान के दोषों को मिटाने और अपने अहंकार को नष्ट करने के लिए अंत में क्षमा प्रार्थना करना अनिवार्य है, तभी अनुष्ठान पूर्ण होता है।#क्षमा प्रार्थना#त्रुटि निवारण#अहंकार नाश
तंत्र साधनाछिन्नमस्ता मंत्र की शक्ति और रहस्यछिन्नमस्ता मंत्र मृत्यु भय और सांसारिक अहंकार को नष्ट करने वाली उग्र तांत्रिक साधना है। इसकी ऊर्जा अत्यंत तीव्र होती है, इसलिए इसे केवल गुरु निर्देशन में ही करना चाहिए।#छिन्नमस्ता#महाविद्या#अहंकार नाश
दिव्य स्वरूप और प्रतीकगदा (कौमोदकी) का क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?कौमोदकी (गदा) = 'बुद्धि' (Intellect) और ईश्वरीय न्याय का प्रतीक। यह अहंकार, अज्ञान और दुष्कर्मों को नष्ट करने वाले बल और अनुशासन का सूचक है।#कौमोदकी गदा#बुद्धि#ईश्वरीय न्याय
शिव की प्रमुख लीलाएंत्रिपुरासुर वध का दार्शनिक अर्थ क्या है?तीन पुरियाँ = तीन गुण (सत्त्व, रज, तम) या तीन शरीर (स्थूल, सूक्ष्म, कारण) के अहंकार का प्रतीक। जब तक ये योग अवस्था में एक सीध में न आएं — शिव का ज्ञानरूपी बाण इस अहंकार को नष्ट नहीं कर सकता।#त्रिपुरासुर दार्शनिक अर्थ#तीन गुण#तीन शरीर
सरस्वती का स्वरूप और प्रतीकमयूर का क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?मयूर = सौंदर्य और उल्लास का प्रतीक, साथ ही चंचलता-अनिर्णय-अहंकार का सूचक। मयूर साँपों को खाता है = ज्ञान की देवी हमारे विषैले अहंकार को नष्ट कर आत्मज्ञान के उज्ज्वल पंखों में बदल देती हैं।#मयूर#सौंदर्य चंचलता#अहंकार नाश