📖
विस्तृत उत्तर
दार्शनिक दृष्टि से ये तीन पुरियां (त्रिपुर) मनुष्य के तीन गुणों (सत्त्व, रज, तम) या तीन शरीरों (स्थूल, सूक्ष्म, कारण) के अहंकार का प्रतीक हैं।
जब तक ये तीनों एक सीध में (योग अवस्था में) नहीं आते, तब तक शिव का ज्ञानरूपी बाण इस अहंकार को नष्ट नहीं कर सकता।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





