जीवन एवं मृत्युनरक में जीव को किस प्रकार की आग में डाला जाता है?नरक में अग्नि-प्रकार — रौरव (अग्निकुंड), कुंभीपाक (खौलता तेल), कालसूत्र (तप्त भूमि), तप्तलोहमय (तपता लोहा), तप्तकुंभ (खौलता बर्तन), सूलप्रोत (ज्वालाएँ)। 'जलती रहती है पर भस्म नहीं।'#नरक#आग#प्रकार
जीवन एवं मृत्युकालसूत्र नरक में जीव को कैसे जलाया जाता है?कालसूत्र में — आग पर चलाया जाता है। तप्त-लोह जैसी धधकती भूमि पर चलना पड़ता है — ऊपर से भी अग्नि। 'समय बर्बाद करने वाले को कालसूत्र की आग।' पाप-फल तक यातना जारी।#कालसूत्र नरक#यातना
जीवन एवं मृत्युकालसूत्र नरक में क्या कष्ट होता है?कालसूत्र में — आग पर नंगे पाँव चलाया जाता है, काल-सूत्र से बाँधकर भागना असंभव, कोई छाया-विश्राम नहीं। 'समय बर्बाद किया, इसलिए समय की यातना।'#कालसूत्र नरक#कष्ट#आग
जीवन एवं मृत्युक्या नरक में जीव को आग में डाला जाता है?हाँ। रौरव (अग्निकुंड), कुंभीपाक (खौलता तेल), सूलप्रोत (ज्वालाओं में), तप्तलोहमय (तपता लोहा), तप्तकुंभ (खौलता बर्तन), कालसूत्र (आग पर चलना) — अनेक नरकों में अग्नि-यातना।#नरक#आग#कुंभिपाक
जीवन एवं मृत्युनरक में आग का क्या वर्णन है?नरक में कुंभीपाक में गर्म तेल में उबाला जाता है, कालसूत्र में गर्म सलाखों से दंड, तपन और संप्रतापन नरक में चारों ओर आग, जलते अंगारों पर चलाया जाता है। आग पापों के दाहक परिणाम का प्रतीक है।#नरक#आग#अग्नि
स्वप्न शास्त्रसपने में आग दिखने का क्या अर्थआग = मिश्रित। शुभ: हवन अग्नि=पुण्य, दीपक=शांति, ज्ञान प्रकाश। अशुभ: भयंकर आग=धन हानि/कलह, जलना=कष्ट। आयुर्वेद: अग्नि का सपना पित्त दोष वृद्धि का पूर्वलक्षण (चरक संहिता)। शांत अग्नि शुभ, भयंकर अशुभ।#आग#अग्नि#सपना
स्वप्न शास्त्रस्वप्न में अग्नि दिखने का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?शुभ: तप (शुद्धि), कुंडलिनी (अग्नि=कुंडलिनी), ज्ञान (अज्ञान दहन), यज्ञ, शिव। सावधानी: जलता=कष्ट, अनियंत्रित=क्रोध। शांत अग्नि=शुभ, विनाशक=सावधानी।#स्वप्न#अग्नि#आग