विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में कालसूत्र नरक के कष्टों का वर्णन है।
आग पर चलाया जाना — 'कालसूत्र नरक में समय बर्बाद करने वालों को आग पर चलाया जाता है।' यह अत्यंत पीड़ादायक यातना है — जलती भूमि पर नंगे पाँव चलना।
काल-सूत्र से बाँधना — पापी को 'काल के धागे' से इस प्रकार बाँधा जाता है कि वह इस यातना से बच नहीं सकता। यह बंधन अदृश्य किंतु असंभव्य है।
कोई छाया नहीं — कालसूत्र में कोई छाया, कोई विश्राम नहीं। जलती धरती पर निरंतर चलना — यही इस नरक की प्रमुख यातना है।
समय की सजा — जिसने जीवन में समय व्यर्थ किया, उसे इस नरक में 'समय के अनुसार' दंड मिलता है — जितना समय बर्बाद किया, उतना ही यातना।
नरक की सामान्य विशेषताएं — 'यहाँ जलते हुए वे रोते हैं, पर वहाँ उनका कोई रक्षक नहीं होता।'




