पुराण माहात्म्यरौरव और कालसूत्र नरक क्या हैं?रौरव और कालसूत्र दो भयंकर नरक हैं। रौरव में रौरव सर्पों का काटना और अग्नि की जलन होती है। कालसूत्र में काल के धागों से बाँधकर यातना दी जाती है। स्कन्द पुराण के नागर खण्ड के अनुसार जो व्यक्ति द्वितीया तिथि पर अधिकार होने पर भी महालय का श्राद्ध नहीं करता, उसे मृत्यु के बाद इन दोनों भयंकर नरकों की यातना भोगनी पड़ती है।#रौरव नरक#कालसूत्र नरक#नरक यातना
लोकमाता-पिता का अपमान करने वाले को क्या फल मिलता है?माता-पिता और गुरुजनों का तिरस्कार करने वाला कालसूत्र नरक की यातना और आगे प्रेत योनि जैसी गति पा सकता है।
लोककालसूत्र नरक इतना भयानक क्यों है?कालसूत्र नरक में माता-पिता या ब्राह्मणों से द्रोह करने वाले पापी को दहकते तांबे के मैदान में नंगा दौड़ाया जाता है।#कालसूत्र नरक#नरक#माता पिता द्रोह
जीवन एवं मृत्युकालसूत्र नरक में जीव को कैसे जलाया जाता है?कालसूत्र में — आग पर चलाया जाता है। तप्त-लोह जैसी धधकती भूमि पर चलना पड़ता है — ऊपर से भी अग्नि। 'समय बर्बाद करने वाले को कालसूत्र की आग।' पाप-फल तक यातना जारी।#कालसूत्र नरक#यातना#आग
जीवन एवं मृत्युकिस पाप के लिए कालसूत्र नरक मिलता है?कालसूत्र नरक — समय बर्बाद करना (प्रमुख), धर्म-दान-भक्ति के लिए समय न निकालना, आज का काम कल पर टालना, समय पर कर्तव्य न निभाना।#कालसूत्र नरक#पाप#समय बर्बाद
जीवन एवं मृत्युकालसूत्र नरक में क्या कष्ट होता है?कालसूत्र में — आग पर नंगे पाँव चलाया जाता है, काल-सूत्र से बाँधकर भागना असंभव, कोई छाया-विश्राम नहीं। 'समय बर्बाद किया, इसलिए समय की यातना।'#कालसूत्र नरक#कष्ट#आग
जीवन एवं मृत्युकालसूत्र नरक क्या है?कालसूत्र = 'काल के धागे का नरक'। 21 प्रमुख नरकों में से एक। 'समय बर्बाद करने वालों को आग पर चलाया जाता है।' कालसूत्र से बाँधकर यातना — भागना असंभव।#कालसूत्र नरक#परिभाषा#समय