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विस्तृत उत्तर
विष्णु पुराण में महर्षि पराशर वर्णन करते हैं कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता और गुरुजनों का तिरस्कार करता है, वह कालसूत्र नरक जैसी घोर यातना का अधिकारी होता है। इसी प्रकार दूसरों की संपत्ति हड़पने वाले, स्त्रियों का गर्भपात करवाने वाले और झूठी गवाही देने वाले भी घोर यातनाओं के बाद प्रेत योनि प्राप्त करते हैं। माता-पिता का अपमान धर्म से च्युति का गंभीर कर्म है, जिसका परिणाम यममार्ग, नरक-यातना और तदुपरांत निम्न योनियों में भोगना पड़ता है।
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