विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में कालसूत्र नरक के कारण-पापों का उल्लेख है।
समय बर्बाद करना — 'कालसूत्र नरक — समय बर्बाद करने वालों को आग पर चलाया जाता है।' यह इस नरक का प्रमुख कारण है।
धर्म न करना — जो व्यक्ति अपने जीवन में धर्म, दान, भक्ति और सत्कर्म के लिए समय नहीं निकालता और उसे व्यर्थ के कार्यों में गँवाता है — वह कालसूत्र का पात्र है।
कालसूत्र का व्यापक अर्थ — 'काल का धागा' से बंधे वे लोग जो समय का दुरुपयोग करते हैं। गरुड़ पुराण में — 'कटु वचन बोलना, आज का कार्य कल पर टालना, धर्म का पालन न करना' — ये सब समय के दुरुपयोग से जुड़े पाप हैं।
पितृदोष से संबंध — जिसने पितरों का श्राद्ध-तर्पण नहीं किया और समय पर अपना कर्तव्य नहीं निभाया — वह भी इस दंड का भागी।



