योगस्थानहृदय, नाभि और भ्रूमध्य का योग में क्या महत्व है?हृदय, नाभि और भ्रूमध्य ध्यान और योग-साधना के प्रमुख आंतरिक स्थान बताए गए हैं।#हृदय#नाभि#भ्रूमध्य
योगस्थानयोग में शरीर के कौन से स्थान बताए गए हैं?योग के लिये हृत्कमल, मूलाधार और भृकुटियों के मध्य स्थित आवर्त यानी आज्ञाचक्र मुख्य स्थान बताए गए हैं।#योगस्थान#हृत्कमल#मूलाधार
मंदिरमंदिर में तिलक क्यों लगाया जाता है?तिलक क्यों: स्कंद पुराण: तिलक बिना पूजा अफल। आगम शास्त्र: आज्ञाचक्र (भौहों के बीच) सक्रियण = देवता-ऊर्जा ग्रहण। परिचय: U आकार = वैष्णव, तीन रेखाएँ = शैव, लाल बिंदु = शाक्त। भस्म/चंदन = सुरक्षा-कवच। चंदन = शीतलता → एकाग्रता।#मंदिर#तिलक#आज्ञाचक्र