मंदिर भक्तिमंदिर में भगवान के दर्शन करते समय किस भाव से खड़े हों?
भाव (सभी शुद्ध): शरणागति (सर्वोत्तम — 'सब आपको समर्पित'), दास ('आप स्वामी'), सखा ('आप मित्र'), वात्सल्य ('आप मेरे बच्चे'), माधुर्य ('आप प्रियतम'), कृतज्ञता ('धन्यवाद'), विस्मय ('कितने अद्भुत!')। स्वाभाविक भाव = सही। सरलतम: 'हे भगवान, मैं यहाँ हूँ। आप मुझे देख रहे हैं।'
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