विस्तृत उत्तर
भगवान वामन ने तीसरा पग राजा बलि के सिर पर इसलिए रखा क्योंकि दो पगों में संपूर्ण ब्रह्मांड नाप लेने के बाद तीसरे पग के लिए कोई स्थान शेष नहीं था। भगवान ने पहले पग में पृथ्वी और सभी अधोलोकों को, और दूसरे पग में संपूर्ण ऊर्ध्व लोकों को नाप लिया। अब वचनानुसार तीन पग भूमि पूरी करने का प्रश्न आया। बलि को वरुण-पाश में बाँध दिया गया, परंतु वे विचलित नहीं हुए। उन्होंने अत्यंत विनम्रता से भगवान से कहा कि उनका सर्वस्व चला गया है, परंतु उनका शरीर और सिर अभी शेष है। इसलिए भगवान अपना तीसरा पग उनके सिर पर रखें ताकि उनका वचन झूठा न हो। बलि के इस पूर्ण आत्म-समर्पण से भगवान वामन अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्हें सुतल लोक का राज्य दिया।
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