अर्धनारीश्वर स्तोत्रअर्धनारीश्वर स्तोत्र किसने लिखा?अर्धनारीश्वर स्तोत्र श्री आदि शंकराचार्य भगवत्पाद द्वारा रचित है। यह अष्टकम् के रूप में प्रसिद्ध है जिसमें 8 श्लोक और एक फलश्रुति छंद है।#अर्धनारीश्वर स्तोत्र#आदि शंकराचार्य#रचयिता
स्तोत्र परिचयश्री बिल्वाष्टकम् स्तोत्र किसने लिखा था?श्री बिल्वाष्टकम् स्तोत्र की रचना पूज्य जगद्गुरु आदि शंकराचार्य द्वारा की गई मानी जाती है।#बिल्वाष्टकम्#आदि शंकराचार्य#रचयिता
ज्ञान एवं दर्शनश्रृंगेरी मठ का इतिहासश्रृंगेरी शारदा पीठ की स्थापना आदि शंकराचार्य ने 8वीं शताब्दी में कर्नाटक के चिकमंगलुर में की थी। यह उनके चार मठों में दक्षिण का मठ है। पहले पीठाधीश सुरेश्वराचार्य (मंडन मिश्र) थे। इसका महावाक्य है 'तत्त्वमसि'।#श्रृंगेरी मठ#आदि शंकराचार्य#शारदा पीठ
सनातन संप्रदायस्मार्त संप्रदाय में पंचदेवोपासना क्या हैस्मार्त संप्रदाय में पंचदेवोपासना (पंचायतन) में एकसाथ शिव, विष्णु, शक्ति, गणेश और सूर्य की पूजा होती है। आदि शंकराचार्य ने इसे व्यवस्थित किया। सभी देव एक ही परमब्रह्म के रूप हैं।#स्मार्त#पंचदेवोपासना#पंचायतन
पूजा पद्धतिस्मार्त पूजा पद्धति क्या हैस्मार्त = स्मृति ग्रंथों पर आधारित पद्धति। शंकराचार्य द्वारा व्यवस्थित। विशेषता: पंचायतन पूजा — शिव, विष्णु, सूर्य, गणेश, देवी — पाँचों में एक ब्रह्म। अद्वैत वेदान्त आधार। वैदिक कर्म + पौराणिक भक्ति का समन्वय। षोडशोपचार या पंचोपचार पूजा। सन्ध्यावन्दन अनिवार्य।#स्मार्त#आदि शंकराचार्य#पंचायतन