मंत्र जप नियममंत्र अनुष्ठान के दौरान ब्रह्मचर्य पालन क्यों आवश्यक है?ऊर्जा ऊर्ध्वगमन (ओजस → मंत्र शक्ति)। मन शुद्धि → एकाग्रता। अथर्ववेद: 'ब्रह्मचर्येण तपसा देवा मृत्युम् अपाघ्नत।' अनुष्ठान काल अनिवार्य।#ब्रह्मचर्य#अनुष्ठान#आवश्यक
देवी साधनादेवी साधना में ब्रह्मचर्य का पालन क्यों आवश्यक है?ऊर्जा संरक्षण (ओजस→कुंडलिनी)। मन शुद्धि = मंत्र तीव्र। देवी = पवित्रता — अपवित्र साधक अप्रसन्न। तंत्र: बिना ब्रह्मचर्य = विफल/विपरीत। अनुष्ठान काल अनिवार्य।#ब्रह्मचर्य
तंत्र साधनातंत्र साधना में सात्विक आहार क्यों आवश्यक है?गीता: सात्विक = आयु+बल+स्वास्थ्य। छांदोग्य: 'आहारशुद्धौ सत्त्वशुद्धिः' (शुद्ध भोजन=शुद्ध मन)। ऊर्जा↑, नाड़ी शुद्ध (कुंडलिनी)। दूध/घी/फल/अन्न। वर्जित: मांस/मदिरा/प्याज। वाम मार्ग: अपवाद।#सात्विक#आहार#तंत्र