कार्तिकेय कथाकार्तिकेय को देवताओं का सेनापति किसने बनाया?कार्तिकेय को तारकासुर के वध के बाद समस्त देवताओं ने — इंद्र के नेतृत्व में — देवताओं का सेनापति बनाया। उनका नाम 'महासेन' भी है जिसका अर्थ महान् सेना का स्वामी है।#कार्तिकेय सेनापति#देव सेनापति#तारकासुर वध
तंत्र प्रतीकतांत्रिक साधना में वज्र का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?अविनाशी (हीरा=आत्मा), इंद्र शस्त्र (अज्ञान नाश), सुषुम्ना (कुंडलिनी मार्ग), बौद्ध वज्रयान (शून्यता+करुणा), अचूक शक्ति। वज्रासन = दृढ़ता।#वज्र#प्रतीकात्मक
अस्त्र शस्त्रइंद्र ने कर्ण का कवच-कुंडल कैसे लिया?इंद्र ने ब्राह्मण वेश में आकर सूर्योपासना के समय कर्ण से वचन लेकर कवच-कुंडल माँगे। सब जानते हुए भी कर्ण ने दे दिए। इंद्र ने बदले में एकबारी अमोघ इंद्रास्त्र दिया।#इंद्र#कर्ण#कवच कुंडल दान