पुरश्चरणपुरश्चरण के दौरान कौन सा मंत्र जपें?कुलार्णव: पुरश्चरण में केवल गुरु-दत्त मंत्र — स्वेच्छा से लिया मंत्र निष्फल। तीन शर्तें: गुरु-दीक्षित, इष्टदेव का, शास्त्र-सम्मत। प्रमुख मंत्र: गायत्री (24 लाख — सर्वोत्तम), नमः शिवाय (5 लाख), ॐ नमो नारायणाय (8 लाख), नवार्ण (9 लाख), महामृत्युंजय (33 लाख)। एक पुरश्चरण में एक ही मंत्र।#पुरश्चरण मंत्र#इष्टदेव मंत्र#गुरु दत्त मंत्र
मंत्र सिद्धिमंत्र सिद्धि के दौरान कौन सा मंत्र सबसे शक्तिशाली है?कुलार्णव: मंत्रों में भेद नहीं — साधक में भेद। सिद्धि के लिए: ॐ (सर्वोच्च बीज), गायत्री (सर्व मंत्र माता), महामृत्युंजय (संकट), इष्टदेव मंत्र (व्यक्ति-सापेक्ष सर्वोच्च)। सर्वशक्तिशाली = गुरु-दत्त + इष्टदेव का + नित्य जपित।
मंदिर पूजामंदिर में पूजा के दौरान कौन सा मंत्र जपें?विष्णु: 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', हरे कृष्ण महामंत्र। शिव: 'ॐ नमः शिवाय', महामृत्युंजय। देवी: नवार्ण मंत्र। गणपति: 'ॐ गं गणपतये नमः'। सूर्य/सार्वभौम: गायत्री। जप विधि: 108 मनकों की माला, मध्यम गति, मानस जप श्रेष्ठ, नित्य निश्चित संख्या।#मंत्र जप#जप विधि#इष्टदेव मंत्र