दर्शनसोहम का अर्थ क्या है आध्यात्मिक रूप से?
सोऽहम् = 'वह (ब्रह्म) मैं हूँ।' अजपा मंत्र — हर श्वास में स्वतः गूंजता है (सो = श्वास अंदर, हम = बाहर)। अद्वैत अनुभव: आत्मा = ब्रह्म। उलटा = 'हंसः' — इसलिए ज्ञानी 'परमहंस'। ईशोपनिषद, हंसोपनिषद में वर्णित।
#सोहम#अजपा जप#श्वास मंत्र