स्तोत्र पाठ विधि और नियमअर्धनारीश्वर स्तोत्र पाठ के बाद कौन सी मुद्रा करनी चाहिए?स्तोत्र पाठ के बाद अश्विनी या वज्र मुद्रा करनी चाहिए। यह कुंडलिनी योग सिद्धांत पर आधारित है जो ऊर्जा का ऊर्ध्वगमन करती है।#अश्विनी मुद्रा#वज्र मुद्रा#कुंडलिनी
शिव शाबर मंत्रशाबर साधना में प्राणायाम और ध्यान की क्या विधि है?मंत्र के अर्थ को मन में धारण करें और ऊर्जा संतुलन के लिए 1:8:4 के अनुपात में प्राणायाम करें।#प्राणायाम#ध्यान विधि#ऊर्जा संतुलन
तंत्र और साधनाकुक्कुटेश्वर शिवलिंग और दुर्गा कुण्ड के बीच क्या तांत्रिक संबंध है?दुर्गा मंदिर की उग्र शाक्त ऊर्जा को संतुलित करने के लिए कुक्कुटेश्वर लिंग का सान्निध्य अनिवार्य है। यह शिव-शक्ति के मिलन और शक्ति के माध्यम से शिव-चेतना के जागरण का तांत्रिक केंद्र है।#दुर्गा कुण्ड#शाक्त पीठ#शैव-शाक्त अद्वैत