शिव रूप महिमाशिव के त्रिपुरांतक रूप का वर्णन शिव पुराण में कैसे हैत्रिपुरांतक = तीन पुरों का अंत करने वाले। तीन असुर-पुत्रों के सोने-चाँदी-लोहे के तीन नगरों को शिव ने एक ही बाण से नष्ट किया। इसके बाद आनंद में शिव ने तांडव किया — यहीं से नृत्य का उद्भव माना जाता है।#त्रिपुरांतक#त्रिपुरासुर#एक बाण
लोकभगवान शिव ने त्रिपुर को कैसे जलाया?जब तीनों नगर एक रेखा में आए, तब शिव ने एक ही बाण से उन्हें भस्म कर दिया।#भगवान शिव#त्रिपुर दहन#एक बाण
शिव की प्रमुख लीलाएंत्रिपुरासुर वध की कथा क्या है?तारकासुर के तीन पुत्रों को ब्रह्मा से तीन अभेद्य पुरियां मिलीं (स्वर्ण, रजत, लौह) — एक बाण से एक साथ ही नष्ट हों। देवताओं की शक्ति ग्रहण कर शिव ने कार्तिक पूर्णिमा को तीनों पुरियों को एक बाण से भस्म किया — 'त्रिपुरारी' नाम मिला।#त्रिपुरासुर वध#तीन पुरियां#एक बाण
रामचरितमानस — बालकाण्डश्रीरामजी ने ताड़का का वध कैसे किया?एक ही बाण से — 'एकहिं बान प्रान हरि लीन्हा। दीन जानि तेहि निज पद दीन्हा॥' — एक बाण से प्राण हरे और दीन जानकर निजपद (मुक्ति) दिया। भगवान शत्रु को मारकर भी कल्याण करते हैं।#बालकाण्ड#ताड़का वध#एक बाण