मरणोपरांत आत्मा यात्राएकादशाह क्या होता है?एकादशाह ग्यारहवें दिन का कृत्य है, जब पिण्डज शरीर पूर्ण होने के बाद प्रेत को अन्न, जल और दीपदान दिया जाता है।#एकादशाह#ग्यारहवाँ दिन#प्रेत
जीवन एवं मृत्युएकादशाह में कौन-कौन से कर्म किए जाते हैं?एकादशाह में — शय्यादान, गोदान (वैतरणी-धेनु), घटदान, अष्टमहादान, वृषोत्सर्ग, ब्राह्मण-भोजन (12 घट के साथ), सपिंडीकरण और सूतक-मुक्ति के पश्चात् पददान।#एकादशाह#कर्म#शय्यादान
जीवन एवं मृत्युएकादशाह का क्या महत्व है?एकादशाह का महत्व — दशगात्र की पूर्णता, सर्वाधिक दान (गोदान-शय्यादान-वृषोत्सर्ग), परिवार की सूतक-मुक्ति और प्रेत की यमयात्रा-प्रारंभ। यह प्रेत-मुक्ति-प्रक्रिया का एक निर्णायक पड़ाव है।#एकादशाह#महत्व#प्रेत मुक्ति
जीवन एवं मृत्युएकादशाह क्या है?एकादशाह = मृत्यु के ग्यारहवें दिन का विशेष श्राद्ध-दान कर्म। गरुड़ पुराण के बारहवें अध्याय में वर्णित। इस दिन शय्यादान, गोदान, वृषोत्सर्ग और अष्टमहादान होते हैं। यह दशगात्र के बाद की अगली अनिवार्य क्रिया है।#एकादशाह#ग्यारहवाँ दिन#श्राद्ध