लोकमार्कण्डेय पुराण में महर्लोक का वर्णन कैसे है?मार्कण्डेय पुराण में वर्णन है — नैमित्तिक प्रलय में त्रैलोक्य के निवासी महर्लोक की ओर भागते हैं पर महर्लोक के ऋषि स्वयं जनलोक जाते हैं। एकार्णव से महर्लोक अपनी ऊँचाई से बचता है।#मार्कण्डेय पुराण#महर्लोक#एकार्णव
लोकएकार्णव और महर्लोक का क्या संबंध है?एकार्णव का जल सप्तर्षि मंडल तक पहुँचता है परंतु महर्लोक ध्रुवलोक से एक करोड़ योजन ऊपर होने के कारण जलमग्न होने से बच जाता है।#एकार्णव#महर्लोक
लोकएकार्णव क्या है?एकार्णव नैमित्तिक प्रलय में त्रैलोक्य के भस्म होने के बाद होने वाली विनाशकारी वर्षा से बना वह विशाल महासागर है जो समस्त त्रैलोक्य को डुबो देता है।#एकार्णव#महाप्रलय#समुद्र
लोकमधु कैटभ ने जल-विहीन स्थान की शर्त क्यों रखी?क्योंकि हर ओर जल था, उन्हें लगा सूखी जगह की शर्त उन्हें बचा लेगी।#जल विहीन स्थान#मधु कैटभ#एकार्णव