रामचरितमानस — बालकाण्डकपटमुनि ने प्रतापभानु से क्या छलकपट किया?कपटमुनि ने कहा — मैं रसोई बनाऊँ, तुम परोसो, जो खायगा वह तुम्हारा दास बनेगा। राजा ने एक लाख ब्राह्मणों को बुलवाया। कपटमुनि ने भोजन में माँस मिला दिया। परोसते समय आकाशवाणी हुई — 'यह अन्न मत खाओ, इसमें माँस है!' ब्राह्मण क्रोधित हुए।#बालकाण्ड#कपटमुनि#छल
रामचरितमानस — बालकाण्डकपटमुनि (कालकेतु) ने प्रतापभानु को क्या लालच दिया?कपटमुनि ने तप की महिमा बताकर लालच दिया — 'तप से कुछ भी दुर्लभ नहीं, मुझे सब सिद्ध है।' अमरत्व और अजेयता का लालच देकर राजा को विश्वास में लिया ताकि अपनी छल-योजना पूरी कर सके।
रामचरितमानस — बालकाण्डप्रतापभानु को जंगल में कौन मिला?एक कपटमुनि (कालकेतु/एकतनु) — जो वास्तव में एक पराजित राजा था जिसका देश प्रतापभानु ने छीना था। वह तपस्वी वेष में बदला लेने की ताक में था। उसने राजा का विश्वास जीतकर छलकपट किया।#बालकाण्ड#कपटमुनि#कालकेतु